स्वयं सहायता समूह योजना केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण सामुदायिक विकास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिलाओं एवं कमजोर वर्गों को समूह आधारित बचत, स्वरोजगार एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाना है। इस योजना के अंतर्गत समान उद्देश्य वाले लोग समूह बनाकर नियमित बचत करते हैं और उसी के आधार पर स्वरोजगार एवं आयवर्धक गतिविधियाँ शुरू करते हैं।
योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं
- समूह आधारित नियमित बचत की सुविधा
- स्वरोजगार एवं लघु व्यवसाय शुरू करने में सहायता
- बैंक ऋण एवं वित्तीय संस्थानों से जुड़ाव
- सरकारी योजनाओं एवं सब्सिडी तक पहुँच
- प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण एवं मार्गदर्शन
Eligibility
- स्वयं सहायता समूह के सदस्य होना आवश्यक
- ग्रामीण या शहरी क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति
- महिलाओं को प्राथमिकता (जहाँ लागू हो)
- सरकारी पात्रता मानदंडों को पूरा करना आवश्यक
Benefits
- आर्थिक आत्मनिर्भरता में वृद्धि
- स्वरोजगार एवं आय के नए अवसर
- महिलाओं एवं कमजोर वर्गों का सशक्तिकरण
- सामूहिक निर्णय एवं सामाजिक एकता
- ग्रामीण विकास एवं गरीबी उन्मूलन में सहयोग